CM Yogi from Vrindavan: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर वृंदावन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का भव्य लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने ब्रज की संस्कृति, विरासत और इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति को मिटाने में सफल नहीं हुए। ब्रज संस्कृति की रंगारंग झलक CM पवन हंस हेलीपैड पर पहुंचने के बाद स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय की छात्राओं के राष्ट्रगीत से हुई। इसके बाद ब्रज कलाकारों ने राधा-कृष्ण की लीलाओं का मंचन किया। गुजरात के गरबा और ब्रज के प्रसिद्ध मयूर नृत्य ने भी समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया। बच्चों का अन्नप्राशन लोकार्पण कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने भगवान कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों का अन्नप्राशन कराया और उन्हें उपहार दिए। उन्होंने ब्रज के प्रमुख संतों का स्वागत और सम्मान भी किया। इस दौरान 321 सपेरा समाज के लाभार्थियों को भवन आवंटन पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। 1,051 करोड़ की 229 परियोजनाओं का जिक्र मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का भी उल्लेख किया। उन्होंने जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि ब्रज की धरती से लोक परंपरा, कला और संस्कृति के साथ विकास की नई तस्वीर भी सामने आ रही है। पूर्व मंत्री और विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुना में गिरने वाले मथुरा के 36 नालों में से 32 को बंद किया जा चुका है, जबकि बाकी चार नालों को अक्टूबर तक बंद करने का लक्ष्य है। सूरदास ब्रजभाषा अकादमी और ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के विकास कार्य भी जारी हैं। कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच सांसद हेमा मालिनी ने प्रेक्षागृह को ब्रज की कला, संगीत, नृत्य और साहित्य के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यहां स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और भविष्य में देश-विदेश के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां दे सकेंगे। इतिहास और विरासत पर योगी का जोर सीएम योगी ने कहा कि किसी राष्ट्र की पहचान उसकी स्मृति, संस्कृति और जड़ों से होती है। उन्होंने कहा कि ब्रज की विरासत केवल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण और पुनर्निर्माण की कहानी भी है। मथुरा के इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि केशवदेव मंदिर ने कई आक्रमण झेले। उनके मुताबिक मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन श्रीकृष्ण की स्मृति, जन्माष्टमी, बरसाना की होली और गोवर्धन परिक्रमा की परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। ये भी पढ़ें: STP घोटाले में सत्येंद्र जैन को राहत, कोर्ट ने दी जमानत